Heart Attack: नमस्कार मैं सौरभ ठाकुर samastipurnews.in से आपको बताते चले की 10 जून 2025 को एक बार फिर से ‘Heart Attack’ को लेकर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया गया है, क्योंकि देश में समय पर इलाज न मिलने के कारण हजारों जानें हर साल चली जाती हैं।

भारत में हर साल Heart Attack के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि इलाज में देरी और जागरूकता की कमी इसके पीछे सबसे बड़ी वजह है। ऐसे में एक अहम शब्द सामने आता है – Golden Hour। यह वह पहला घंटा होता है जब हार्ट अटैक के लक्षण दिखाई देने लगते हैं, और उसी समय अगर सही इलाज मिल जाए तो मरीज की जान बच सकती है।

Golden Hour क्या होता है? (What is Golden Hour in Heart Attack?)

डॉक्टर वैभव मिश्रा, सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट, बताते हैं कि Golden Hour हार्ट अटैक के बाद का पहला एक घंटा होता है। इस दौरान मरीज को तुरंत मेडिकल मदद मिल जाए तो हार्ट डैमेज को रोका जा सकता है। यह समय इसलिए भी खास है क्योंकि हार्ट को ब्लड सप्लाई रुकने से जितनी देर होती है, उतना ही ज्यादा नुकसान होता है।

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Heart Attack Golden Hour: हार्ट अटैक के बाद पहला घंटा होता है सबसे जरूरी

कई बार लोग Heart Attack को गैस या कमजोरी समझकर टाल देते हैं, जो जानलेवा हो सकता है। इसके सामान्य लक्षण इस प्रकार हैं:

  • सीने में दर्द: छाती के बीचोंबीच दबाव या जलन।
  • बाएं हाथ, गर्दन या जबड़े में दर्द।