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ISRO का बड़ा मौका! YUVIKA 2026 के लिए आवेदन शुरू, कक्षा 9 के छात्रों को मिलेगा स्पेस ट्रेनिंग का चांस

ISRO ने YUVIKA 2026 (Young Scientist Programme) के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की। जानें पात्रता, महत्वपूर्ण तिथियां, चयन प्रक्रिया और कैसे कक्षा 9 के छात्र स्पेस ट्रेनिंग का हिस्सा बन सकते हैं।

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ISRO का बड़ा मौका! YUVIKA 2026 के लिए आवेदन शुरू, कक्षा 9 के छात्रों को मिलेगा स्पेस ट्रेनिंग का चांस
ISRO का बड़ा मौका! YUVIKA 2026 के लिए आवेदन शुरू, कक्षा 9 के छात्रों को मिलेगा स्पेस ट्रेनिंग का चांस (PC-Social Media)
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ISRO: देश के अंतरिक्ष क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देखने वाले छात्रों के लिए बड़ी खबर है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने YUVIKA 2026 कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। यह पहल कक्षा 9 के विद्यार्थियों को स्पेस साइंस और टेक्नोलॉजी से शुरुआती स्तर पर परिचित कराने के लिए शुरू की गई है। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 27 फरवरी 2026 से शुरू होगी और 31 मार्च 2026 तक चलेगी।

चयनित छात्रों को मई में आयोजित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा लेने का अवसर मिलेगा।यह कार्यक्रम छात्रों में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित यानी STEM क्षेत्रों के प्रति रुचि बढ़ाने का लक्ष्य रखता है।

ISRO: क्या है YUVIKA 2026 और कौन कर सकता है आवेदन?

Indian Space Research Organisation द्वारा चलाया जा रहा यह यंग साइंटिस्ट प्रोग्राम छात्रों को अंतरिक्ष तकनीक की बुनियादी समझ देता है। देशभर के किसी भी मान्यता प्राप्त स्कूल में पढ़ रहे वे छात्र आवेदन कर सकते हैं, जो 1 जनवरी 2026 तक कक्षा 9 में अध्ययनरत हों।

महत्वपूर्ण तिथियां इस प्रकार हैं:

  • कार्यक्रम घोषणा: 20 फरवरी 2026
  • पंजीकरण शुरू: 27 फरवरी 2026
  • अंतिम तिथि: 31 मार्च 2026
  • पहली चयन सूची: 13 अप्रैल 2026
  • पुष्टि सूची: 20 अप्रैल 2026
  • प्रशिक्षण कार्यक्रम: 11 से 22 मई 2026

चयन प्रक्रिया में कक्षा 8 या हालिया परीक्षा के अंकों को 50 प्रतिशत वेटेज दिया जाएगा। ऑनलाइन क्विज में प्रदर्शन को 10 प्रतिशत महत्व मिलेगा। पिछले तीन वर्षों में विज्ञान प्रदर्शनी और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भागीदारी को भी अंक मिलेंगे।

क्यों खास है यह पहल और छात्रों के लिए क्या फायदे?

यह पहल सिर्फ एक प्रशिक्षण शिविर नहीं है। इसका उद्देश्य छात्रों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना है। विशेषज्ञ मानते हैं कि कम उम्र में विज्ञान से जुड़ाव भविष्य के शोध और नवाचार की नींव रखता है।भारत ने हाल के वर्षों में अंतरिक्ष मिशनों के जरिए वैश्विक पहचान बनाई है। ऐसे में युवाओं को इस क्षेत्र की जानकारी देना रणनीतिक रूप से भी अहम है। चयनित छात्रों को देश के प्रमुख स्पेस सेंटरों में जाकर विशेषज्ञों से सीखने का अवसर मिलेगा।

यह कार्यक्रम समय के साथ भी प्रासंगिक रहेगा, क्योंकि अंतरिक्ष तकनीक का दायरा लगातार बढ़ रहा है। सैटेलाइट, नेविगेशन, मौसम पूर्वानुमान और संचार जैसे कई क्षेत्रों में स्पेस टेक्नोलॉजी की भूमिका अहम है।छात्रों और अभिभावकों के लिए सलाह है कि आवेदन से पहले आधिकारिक दिशा-निर्देश ध्यान से पढ़ें। सही जानकारी और समय पर आवेदन सफलता की कुंजी है।इस तरह की पहल न केवल करियर के नए रास्ते खोलती है, बल्कि देश में वैज्ञानिक प्रतिभा को भी मजबूत बनाती है।

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Srota Swati Tripathy
लेखक के बारे मेंBy Srota Swati Tripathy
जगन्नाथ की भूमि और नीले समंदर के किनारों से निकलकर झीलों के शहर भोपाल की एमसीयू यूनिवर्सिटी से मास्टर्स की डिग्री कर रहे हैं। सीखने और समझने का दौर अभी भी जारी है। अब 'समस्तीपुर न्यूज़' के कंटेंट राइटर और अपने लेख के लिए जाने जाते हैं|
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