यदि आप बिहार बोर्ड 10वीं या 12वीं की परीक्षा में 1 या 2 विषयों में फेल हो गए हैं, तो अपनी कम्पार्टमेंट परीक्षा की पात्रता और ग्रेस मार्क्स के नियम यहाँ चेक करें।
मैट्रिक (10वीं) और इंटर (12वीं) के छात्र अपनी कंपार्टमेंटल परीक्षा की पात्रता जाँचें
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा प्रतिवर्ष मैट्रिक (10वीं) और इंटरमीडिएट (12वीं) की बोर्ड परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं। जब परीक्षा परिणाम घोषित होता है, तो कुछ छात्र ऐसे होते हैं जो मेहनत करने के बावजूद 1 या 2 विषयों में पासिंग मार्क्स प्राप्त करने में विफल रहते हैं। ऐसे छात्रों का पूरा शैक्षणिक वर्ष (Academic Year) बर्बाद न हो, इसके लिए बिहार बोर्ड एक विशेष अवसर प्रदान करता है जिसे कम्पार्टमेंटल-सह-विशेष परीक्षा (Compartmental-cum-Special Exam) कहा जाता है।
इस परीक्षा का मुख्य उद्देश्य छात्रों को अनुत्तीर्ण विषयों को दोबारा पास करने का मौका देना है। यदि छात्र इस परीक्षा में निर्धारित पासिंग मार्क्स ले आता है, तो उसे एक नई मार्कशीट दी जाती है जिसमें वह उत्तीर्ण (Pass) घोषित होता है और वह उसी वर्ष अगली कक्षा या कॉलेज में नामांकन ले सकता है।
हर छात्र कम्पार्टमेंट परीक्षा में बैठने के लिए योग्य नहीं होता है। बिहार बोर्ड ने इसके लिए कुछ सख्त नियम बनाए हैं, जिनका पालन करना आवश्यक है:
कम्पार्टमेंट परीक्षा का फॉर्म केवल ऑनलाइन माध्यम से ही भरा जाता है, लेकिन छात्र खुद इसे नहीं भर सकते। इसके लिए बोर्ड द्वारा आधिकारिक वेबसाइट (biharboardonline.bihar.gov.in) पर एक लिंक सक्रिय किया जाता है, जिसे केवल स्कूल या कॉलेज के प्रधान (Principal) अपनी यूजर आईडी और पासवर्ड के माध्यम से एक्सेस कर सकते हैं।
छात्रों को अपने विद्यालय में जाकर कम्पार्टमेंट परीक्षा का फॉर्म (ऑफ़लाइन प्रारूप में) भरना होता है और आवश्यक शुल्क जमा करना होता है। इसके बाद विद्यालय प्रशासन उस डेटा को ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करता है। कम्पार्टमेंट परीक्षा के लिए प्रति विषय एक निर्धारित शुल्क (लगभग 70 रुपये से 200 रुपये के बीच, श्रेणी के अनुसार) लगता है, जिसकी सटीक जानकारी बोर्ड की अधिसूचना में दी जाती है।
यदि आप 1 या 2 नंबर से फेल हुए हैं, तो कम्पार्टमेंट फॉर्म भरने से पहले आपके पास स्कूटनी का विकल्प भी होता है। स्कूटनी का मतलब है आपकी कॉपी की दोबारा चेकिंग (Retotaling)। इसमें केवल यह देखा जाता है कि अंकों को जोड़ने में कोई गलती तो नहीं हुई है या कोई प्रश्न बिना चेक किए तो नहीं छूट गया है।
इसके अलावा, बिहार बोर्ड ग्रेस मार्क्स की नीति भी अपनाता है। यदि छात्र एक विषय में अधिकतम 8% अंकों से, या दो विषयों में 4-4% अंकों से फेल हो रहा है, तो बोर्ड उसे ग्रेस मार्क्स देकर पास कर देता है। यदि किसी कारणवश आपको लगता है कि आप पास हो सकते थे, तो आपको तुरंत स्कूटनी के लिए आवेदन करना चाहिए।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) के नियमों के अनुसार, मैट्रिक (10वीं) और इंटर (12वीं) का कोई भी छात्र अधिकतम 2 विषयों में अनुत्तीर्ण होने पर कम्पार्टमेंटल परीक्षा में शामिल हो सकता है।
नहीं, यदि कोई छात्र 3 या उससे अधिक विषयों में फेल होता है, तो वह कम्पार्टमेंटल परीक्षा के लिए पात्र नहीं है। उसे अगले वर्ष एक्स-रेगुलर (Ex-Regular) छात्र के रूप में सभी विषयों की परीक्षा फिर से देनी होगी।
कम्पार्टमेंट परीक्षा का फॉर्म ऑनलाइन भरा जाता है, लेकिन यह प्रक्रिया आपके विद्यालय या कॉलेज के माध्यम से ही होती है। छात्रों को अपने विद्यालय के प्रधान (Principal) से संपर्क करके फॉर्म और निर्धारित शुल्क जमा करना होता है।
हाँ, कम्पार्टमेंट परीक्षा का परिणाम मुख्य परीक्षा के कुछ ही हफ्तों बाद जारी कर दिया जाता है, ताकि छात्र उसी शैक्षणिक वर्ष में अगली कक्षा या कॉलेज में नामांकन ले सकें। इससे छात्रों का एक साल बर्बाद होने से बच जाता है।
डेटा अवधि: 2025-26, स्रोत: biharboardonline.bihar.gov.in, अंतिम अपडेट: सितंबर 2026