दरभंगा: दरभंगा के युवक अखिलेश कुमार का बेंगलुरु में अपहरण होने का मामला सामने आया है। परिवार के अनुसार, अखिलेश 19 अक्टूबर को बेंगलुरु में किसी व्यक्ति से मिलने के लिए बाहर बुलाया गया था, जिसके बाद उसका कोई सुराग नहीं मिला है। दरभंगा पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है, ताकि अखिलेश को सुरक्षित वापस लाया जा सके।

अखिलेश, जो दरभंगा का निवासी है, पिछले कुछ समय से बेंगलुरु में मोबाइल खरीदने को लेकर बातचीत कर रहा था। परिवार का कहना है कि उसे एक व्यक्ति ने मिलने के लिए बुलाया था, जिसके बाद से उसकी कोई जानकारी नहीं मिली। बेंगलुरु के दर्शनपुर इंडस्ट्रियल एरिया में काम कर रहे सुपरवाइजर ने इस संबंध में दरभंगा पुलिस से शिकायत की है।

कड़ी मेहनत करने वाला युवक

अखिलेश कुमार, जो पिछले 12 वर्षों से बेंगलुरु में मजदूरी कर रहा था, समय-समय पर अपने गांव दरभंगा आता-जाता रहा है। वह अलीनगर प्रखंड के अधलोआम गांव का निवासी है और इसकी लाल यादव का 27 वर्षीय बेटा है।

20 अक्टूबर को मिली अपहरण की जानकारी

अखिलेश की मां और पत्नी बीना देवी का रो-रो कर बुरा हाल है। बीना देवी ने बताया, “19 अक्टूबर को सुबह 7 बजे अखिलेश से मेरी बात हुई थी। उसने कहा कि वह अभी काम में व्यस्त है और 9 बजे फिर बात करेगा। मेरे मोबाइल में रिचार्ज नहीं था, इसलिए मैंने उसे दोबारा कॉल नहीं किया। मैंने उसका इंतज़ार किया, लेकिन उसका कॉल नहीं आया। अगले दिन, 20 अक्टूबर को हमें जानकारी मिली कि उसे किडनैप कर लिया गया है।”

अखिलेश के पिता की चिंता

अखिलेश के पिता इसकी लाल यादव ने बताया, “बेटे के किडनैप होने की खबर सुनते ही मैं हरियाणा से अपने गांव दरभंगा पहुंचा। मैं वर्षों से हरियाणा में काम कर रहा हूं। एक सप्ताह पहले ही वहां से काम करने आया था। बेटे का अपहरण हो गया है और वहां से जो कागजात भेजे गए हैं, वे सभी तेलगु में हैं, जो मुझे समझ में नहीं आ रहा है।”

यह घटना दरभंगा, बिहार के लिए एक गंभीर मुद्दा बन चुकी है, और दरभंगा पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। स्थानीय लोगों में चिंता और भय का माहौल है, और सभी अखिलेश की सुरक्षित वापसी की कामना कर रहे हैं।

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