Prashant Kishor Rejects Security Cover: जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने रविवार को गोपालगंज में मीडिया से बात करते हुए कहा कि उन्हें किसी सुरक्षा कवर की जरूरत नहीं है। उनका कहना था कि जब बिहार का युवा बिना किसी सुरक्षा गार्ड के घूम सकता है, तो वे भी उसी तरह स्वतंत्र रूप से रह सकते हैं।

प्रशांत किशोर ने कहा, “अगर बिहार के युवा बिना सुरक्षा घूम सकते हैं, तो प्रशांत किशोर को भी सुरक्षा की जरूरत नहीं है। मैं तीन साल से बिहार के गांव-गांव में घूम रहा हूं और जनता ही मेरी सबसे बड़ी सुरक्षा है।”

Prashant Kishor Rejects Security Cover: सुरक्षा को लेकर विपक्ष पर तंज

प्रशांत किशोर ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सुरक्षा का मुद्दा बनाकर राजनीति नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जन सुराज का पूरा अभियान जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को समझने का है, न कि खास सुरक्षा घेरे में चलने का।

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कानून व्यवस्था पर उठे सवाल

Prashant Kishor Rejects Security Cover Prashant Kishor addressing media in Gopalganj rejecting security cover

उन्होंने बिहार की मौजूदा कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य पुलिस शराब और रेत माफिया से वसूली में व्यस्त है, जिसके चलते कानून-व्यवस्था चरमरा गई है। उन्होंने कहा, “जब तक पुलिस अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से नहीं निभाएगी, तब तक राज्य में सुधार संभव नहीं है।”

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गोपाल खे़मका हत्या मामले का जिक्र

हाल ही में पटना के व्यापारी गोपाल खे़मका की हत्या के बाद प्रशांत किशोर ने कहा कि इस घटना ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि लालू यादव के शासनकाल और वर्तमान व्यवस्था में अब कोई बड़ा फर्क नहीं रह गया है।

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शराबबंदी पर बयान

प्रशांत किशोर ने बिहार में लागू शराबबंदी कानून को भी चुनौती दी। उन्होंने कहा कि अगर जन सुराज पार्टी सत्ता में आती है, तो शराबबंदी पर नए सिरे से विचार किया जाएगा। उनका कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में शराबबंदी ने अवैध धंधों को बढ़ावा दिया है और इसका खामियाजा आम लोग भुगत रहे हैं।

युवाओं और रोजगार का मुद्दा

सीवान की एक जनसभा में प्रशांत किशोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि आज के युवा रोजगार, शिक्षा और पलायन जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन नेताओं की रैलियों में इन मुद्दों पर कोई चर्चा नहीं होती।

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारी

बिहार विधानसभा चुनाव इस साल अक्टूबर या नवंबर में होने की उम्मीद है। चुनाव आयोग ने अभी आधिकारिक तारीखों की घोषणा नहीं की है। इसी बीच प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी लगातार अपने जनाधार को मजबूत करने में जुटी है।

चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के लिए स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) की प्रक्रिया भी शुरू की है। इसमें घर-घर जाकर मतदाताओं के विवरण की जांच की जा रही है। अब तक 6.81 करोड़ से अधिक फॉर्म जमा हो चुके हैं और 25 जुलाई तक यह प्रक्रिया पूरी होगी।

जन सुराज अभियान का मकसद

जन सुराज पार्टी का मकसद बिहार की राजनीति को जाति और धन की राजनीति से बाहर लाना है। प्रशांत किशोर का कहना है कि राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

मुख्य बिंदुविवरण
बयान की तारीख20 जुलाई 2025
स्थानगोपालगंज, बिहार
पार्टीजन सुराज
प्रमुख मुद्देसुरक्षा, कानून व्यवस्था, रोजगार
चुनावी फोकसबिहार विधानसभा चुनाव 2025

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