समस्तीपुर में योजनाओं की कमी पर नाराजगी

सभा के दौरान पार्षदों ने नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी पर आरोप लगाया कि वे कुछ खास वार्डों पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं, जबकि अन्य वार्डों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि कुछ वार्डों में 4-5 योजनाएं पहले ही शुरू की जा चुकी हैं, लेकिन कई वार्ड ऐसे हैं जहां पिछले दो वर्षों से कोई भी विकास कार्य शुरू नहीं हुआ है। वार्ड पार्षदों ने कहा कि जनता अब उनसे सवाल पूछने लगी है, और वे अपने वार्ड में विकास कार्यों की मांग कर रहे हैं।

योजनाओं का अभाव, पार्षदों का अपमान

पार्षदों का कहना है कि जब योजनाएं शुरू की भी गई हैं, तो प्राक्कलन बोर्ड नहीं लगाए गए हैं, सफाई और कूड़ा उठाने के लिए भी टेंडर प्रक्रिया स्पष्ट नहीं की गई है। उन्होंने इसे वार्ड पार्षदों का अपमान बताया और चेतावनी दी कि अगर जल्द ही उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो संघर्ष और तेज किया जाएगा।

आंदोलन तेज करने की चेतावनी

पार्षदों ने स्पष्ट किया कि वे अपने वार्डों के विकास के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं और जनता के हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अंत में, प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर सदर एसडीओ के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा।

समस्तीपुर, बिहार में योजनाओं की कमी से वार्डों में उभर रहा असंतोष, प्रदर्शन का यह आंदोलन अब निर्णायक मोड़ की ओर बढ़ रहा है।

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