बेगूसराय: आज बेगूसराय में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान काफी अराजकता फैली। मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन के दौरान पटाखा फोड़ने को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। यह मामला इतना बढ़ गया कि पुलिस को स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर पहुंचना पड़ा। सूचना मिलने पर बखरी के एसडीओ सन्नी कुमार सौरभ और डीएसपी कुंदन कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल मौके पर पहुंचे और स्थिति को काबू में किया।

प्रतिमा विसर्जन के दौरान करीब दो घंटे तक मां दुर्गा की प्रतिमा परिहारा थाना के सामने खड़ी रही। बताया जा रहा है कि दोपहर करीब ढाई बजे बाजार स्थित पुरानी दुर्गा मंदिर की प्रतिमा जब परिहारा के दिगंबर चौक के पास पहुंची, तभी विसर्जन में शामिल कुछ लोग सड़क पर पटाखा फोड़ने लगे।

स्थानीय लोगों ने इस पर आपत्ति जताई, जिससे विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई। इस बहस के बाद लाठी-डंडा चलने लगा, जिससे भगदड़ मच गई और कई लोग घायल हो गए।

जब विवाद बढ़ गया, तो लोग प्रतिमा को छोड़कर इधर-उधर भागने लगे। लेकिन बखरी एसडीओ और डीएसपी ने भारी पुलिस बल के साथ पहुंचकर मामले को नियंत्रित किया। इसके बाद प्रशासन की देखरेख में प्रतिमा को विसर्जन के लिए ले जाया गया।

जिला पार्षद अमित देव ने बताया कि “हम प्रतिमा विसर्जन करने जा रहे थे, तभी कुछ लोगों ने हमारे जुलूस पर हमला कर दिया। हमले के कारण कई लोग घायल हुए हैं। प्रशासन के साथ भी उनकी हाथापाई हुई है, जिसका वीडियो भी मौजूद है। माता की प्रतिमा को जाने नहीं दिया जा रहा था।”

उन्होंने यह भी कहा कि “एक जनप्रतिनिधि के नाते हमने इसकी सूचना एसडीओ और डीएसपी को दी और फिर घर लौट आए। अधिकारियों के कहने पर हम फिर से शांतिपूर्ण तरीके से विसर्जन कर पाए हैं। प्रशासन को ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।”

इस घटना ने स्थानीय लोगों में चिंता और आक्रोश पैदा कर दिया है, और वे प्रशासन से उचित कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।

समाचार का सारांश:

  • स्थान: बेगूसराय, परिहारा
  • घटना: दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान अराजकता
  • कारण: पटाखा फोड़ने को लेकर विवाद
  • पुलिस कार्रवाई: बखरी एसडीओ और डीएसपी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति नियंत्रित की
  • प्रतिमा विसर्जन: प्रशासन की देखरेख में संपन्न हुआ

सीख:

यह घटना हमें यह सिखाती है कि धार्मिक उत्सवों के दौरान सभी को संयम बनाए रखना चाहिए और किसी भी प्रकार की हिंसा से बचना चाहिए। प्रशासन की भूमिका इस तरह की घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण है।

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