बेगूसराय, बिहार: जिले के पीपी ज्वेलर्स में सोमवार को दिनदहाड़े 40 लाख रुपये की लूट की घटना सामने आई। दुकान के मालिक ने लूट के दौरान फायरिंग की, जिसमें दो डकैत घायल हो गए। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है, और उनका इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है।

कर्ज से परेशान होकर बना डकैत: लूट की वारदात ने उठाए सवाल

लूट में शामिल एक डकैत की पहचान नावकोठी थाना क्षेत्र के समसा गांव के निवासी छोटू कुमार उर्फ छोटेलाल के रूप में हुई है। यह उसकी पहली आपराधिक वारदात है। छोटू पर कर्ज का बोझ था, और उसने अपनी पत्नी के 40 ग्राम के गहने गिरवी रखकर दो महीने पहले 2 लाख रुपये का कर्ज लिया था। कर्ज चुकाने के लिए वह “कर्ज तोड़ने के लिए बना डकैत” की राह पर निकल पड़ा। गहने छुड़ाने के बाद उसने मटिहानी में एक ठेकेदार के पास नौकरी शुरू की, लेकिन कर्जदारों की परेशानियों से तंग आकर वह एक अंतरराज्यीय सोना लुटेरा गिरोह के संपर्क में आया और इस वारदात में शामिल हो गया।

परिवार की दुर्दशा: चिंतित मां और निराश पिता

छोटू की शादी सात साल पहले हुई थी। उसके पिता, मनटुन कुंवर, मामले को लेकर बहुत परेशान हैं और उन्होंने खाना नहीं खाया है। उनकी बीमार मां की स्थिति भी चिंताजनक हो गई है, जबकि पत्नी इस स्थिति से अभिभूत है। परिवार के सदस्य समझ नहीं पा रहे हैं कि छोटू ने ऐसी गंभीर वारदात को कैसे अंजाम दिया।

पड़ोसी का रोल: आलोक पाठक का नाम सामने आया

छोटू का पड़ोसी आलोक पाठक एक चर्चित आभूषण लुटेरा है। 2019 में मुजफ्फरपुर में हुई मुथूट फाइनेंस की लूट में आलोक की गिरफ्तारी हुई थी, और वह छोटू की बहन के ससुराल से पकड़ा गया था। इसी कारण छोटू भी अपराध के इस चक्रव्यूह में फंस गया।

पुलिस की कार्रवाई: लूट के गिरोह का पता लगाने में जुटी है

पुलिस सूत्रों के अनुसार, लूट में शामिल सुभाष झा ने सोना लेकर छत से कूदकर भागने की कोशिश की थी। अब पुलिस इस मामले में अंतरराज्यीय गिरोह की जांच कर रही है। एसपी मनीष और पटना क्राइम ब्रांच की टीम ने सदर अस्पताल में भर्ती दोनों डकैतों से पूछताछ की है।

पुलिस की कार्रवाई जारी है, और समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, और वैशाली जैसे क्षेत्रों के गैंग के सदस्यों को भी खंगाला जा रहा है। स्थानीय प्रशासन इस मामले में गंभीरता से जांच कर रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर नियंत्रण पाया जा सके।

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